गुरुवार, 3 सितंबर 2009


सम्पति का झगडा हर कुचे मे खड़ा ........

दिल्ली हाई कोर्ट ने न्याय ,न्यायालय और न्यायधीश मे किया सही फर्क ......

सी .जे. आई . संवैधानिक पद जरुर हे साथ ही सार्वजनिक ओहदा भी है

जिसे सूचना के आधिकार के दायरे मे आना चाहिए .

दिल्ली हाई कोर्ट के जज रविन्द्र भट्ट ने इस फैसले को सुना कर न्याय , न्यायधीश और न्यायालय मे पारदर्शिता की नई मिसाल कायम की जिसका स्वागत करना चाहिए ...

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